A half awaken soft oct morning, cold breeze stirs hanging dew drops from the blades of grass
The orange rays of sun with only a slight warmth reminds me hesitant smile of some ones face
Nature plays with all colours of rainbows , bringing them together on a lively and wet canvass twittering birds, golden clouds, glittering water and teh splendor of winter fills my heart
Monday, October 26, 2009
Monday, October 19, 2009
Tera Karam
न भटके हुजूम मंदिर मस्जिद में
हर इंसान में तेरा अक्स नजर आये
जरुरत न रहे काशी और काबे की
हर राह दुनिया की हज बन जाए
फिर न कभी दिल तेरे दरस को तरसे
अबकी ऐसा तेरा करम बरसे
सुबह और शाम आते जाते रहे
हर वक़्त तेरे सजदे में झुके नजर
चारों और दिखे तेरा ही नजारा
तेरे दर पे रुके मेरी हर एक डगर
तेरा ख्याल हो न जुदा इस दिल से
अबकी ऐसा तेरा करम बरसे
न हो इंतज़ार आरती और अजान का
सब नामो में तेरा नाम सुनने की आदत हो
समां जाए दिलो दिमाग में तू इस कदर
हर ख़याल मेरे जहन का तेरी इबादत हो
मेरी बंदगी के चर्चे हो तेरे दर पे
अबकी ऐसा तेरा करम बरसे
हो फिजाओं में भाईचारा और मोहब्बत
फिर न उठे आँसुओ का समंदर
नाफ्रातो की आंधियो का न वजूद हो
न हो जंग फिर किसी का मुक्कादर
जहा में हो दीन e अमन फिर से
अबकी ऐसा तेरा करम बरसे
हर इंसान में तेरा अक्स नजर आये
जरुरत न रहे काशी और काबे की
हर राह दुनिया की हज बन जाए
फिर न कभी दिल तेरे दरस को तरसे
अबकी ऐसा तेरा करम बरसे
सुबह और शाम आते जाते रहे
हर वक़्त तेरे सजदे में झुके नजर
चारों और दिखे तेरा ही नजारा
तेरे दर पे रुके मेरी हर एक डगर
तेरा ख्याल हो न जुदा इस दिल से
अबकी ऐसा तेरा करम बरसे
न हो इंतज़ार आरती और अजान का
सब नामो में तेरा नाम सुनने की आदत हो
समां जाए दिलो दिमाग में तू इस कदर
हर ख़याल मेरे जहन का तेरी इबादत हो
मेरी बंदगी के चर्चे हो तेरे दर पे
अबकी ऐसा तेरा करम बरसे
हो फिजाओं में भाईचारा और मोहब्बत
फिर न उठे आँसुओ का समंदर
नाफ्रातो की आंधियो का न वजूद हो
न हो जंग फिर किसी का मुक्कादर
जहा में हो दीन e अमन फिर से
अबकी ऐसा तेरा करम बरसे
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