Visit blogadda.com to discover Indian blogs sa(u)ransh: A part of Me !: May 2009

Sunday, May 24, 2009

Apna Ghar Sambhal Tu

This one is for neighbour country which has got into a trouble generated by itself

दूसरो के घर में दखल देने वाले
लाखो घुसपैठियों को अक़ल देने वाले
अपने दिमाग से ये फितूर निकाल तू
दूसरो से पहले अपना घर संभाल तू

तुने दूसरे के घर पे पत्थर बरसाए है
बुर्को में छुपा के आतंकी भिजवाये है
हमने भी ऐसे गीदडो को मौत के घाट उतरा है
भय मुक्त देश बनेगा , अब संकल्प हमारा है
तेरे नापाक इरादों का होगा अंत ये जान तू
दूसरो से पहले अपना घर संभाल तू

पाले जो संपोले आज वो भुजंग विषधर है
उस विष की अग्नि में जलता तेरा ही घर है
समझा जिसे गुलाम आज आका बन जाने को है
आतंक का ये अजगर तेरा वतन निगल जाने को है
सीख अपनी ही गलती से, मत और सांप पाल तू
दूसरो से पहले अपना घर संभाल तू

तेरे नापाक मंसूबो ने कितना खून बहाया है
खाए वार पीठ पे हमने,न हथियाएर उठाया है
जिस दिन उठे ये हाथ फिर तू कहा बच पायेगा
तेरा नामो निशान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा
अपना न सही तो कर कुछ अपनों का ख़याल तू
दूसरो से पहले अपना घर संभाल तू

Saturday, May 9, 2009

Phir Milenge !


Dil ye kehta hai ki phir milenge

आ चुकी घडी अब अलग रास्तों पे चलने की

था साथ यही तक , बरी है अब bicchaadane की

हर मोड़ पर मिला हमे एक दुसरे का सहारा

सोचा न कभी छोड़ना होगा साथ तुम्हारा

पर रहा वादा फिर हाथ में दाल हाथ चलेंगे

दिल ये कहता है की फिर मिलेंगे


रही हो कड़ी धुप या फिर बारिश घनेरी

अहसास तेरे होने का था हिम्मत मेरी

तुने मेरी रहो को कुछ ऐसा अपना बनाया

अपने साये में भी मुझे तेरा अक्स नजर आया

नयी डगर पे बिन तेरे कैसे ये पग बढ़ेंगे

दिल ये कहता है की फिर मिलेंगे


यु लगने लगा था की तू रहेगा हमेशा मेरे पास

दिल का हिस्सा तू , जुडी थिस तुझ् से हर एक सांस

तेरे बिन लगेगा ज्यो जिस्म से हो जान जुदा

जीना होगा मुश्किल पल पल जाने है मेरा खुदा.

मर भी गए तो तेरे लिए फिर नया जनम लेंगे

दिल ये कहता है की फिर मिलेंगे